शनिवार, 5 नवंबर 2011

Jinda The To Kisi ne Pass Bhi Bithya Nahi : जिंदा थे तो किसी ने पास भी बिठाया नहीं : Sanjay Mehta Ludhiana









जिंदा थे तो किसी ने पास भी बिठाया नहीं
अब खुद मेरे चारो और बेठे है
पहले कभी किसी ने मेरा हाल भी ना पूछा
अब सभी आंसू बहाए जा रहे है
एक रुमाल भी भेंट ना किया जब हम जिंदा थे
अब शाले और कपडे उपर से ओडाये जा रहे है
सब को पता है के अब इसके काम के नहीं
मगर फिर भी बेचारे दुनियादारी निभाए जा रहे है
कभी किसी ने एक वक्त का खाना नहीं खिलाया
अब देसी घी मेरे मुह मे डाले जा रहे है
जिंदगी मे एक कदम भी साथ ना चल सका कोई
अब फूलो से सजाकर कंधे पे उठाये जा रहे है
अब पता चला की मौत जिंदगी से कितनी बेहतर है
हम तो बेवजह ही जिंदगी की चाहत किये जा रहे है
हे राम.. जय जय राम.. जय माता दी माँ के प्यारे भगतो..
बोलिए जय माता दी .. जय जय माँ





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