रविवार, 16 अक्तूबर 2011








जय काली कलकते वाली, तेरा वार ना जाए खाली, तुमने सबकी विपता टाली बोलो भगतो जय माँ काली की जय माता दी जी

श्री काली देवी का स्र्वप्रिसिध शक्तिपीठ भारत के परमुख नगर कलकता मे स्थित है.. यहाँ पर भगवती सती के 'केश' (बाल) गिरे थे.. यहाँ श्री काली देवी के तीन मंदिर क्रमश: रक्ताम्बरा मुंडमालिनी तथा नुक्केशिनी नामो से है..


कुछ दैत्यों को मार दिया, कुछ को खाया महाकाली ने
कुछ को पैरो से कुचल दिया, कुछ मसले खप्पर वाली ने
दल पर दल मार दिए, फेंके, महाशक्ति दीन दयाली ने
भेंटे दुर्गा को चंड - मुंड सिर, काटे थे जो महाकाली ने
काली बोली माता अम्बे, इन दुष्टों को स्वीकार करो
तेरी ही शक्ति से मारे , जग भगतो का कल्याण करो
दुर्गा बोली, देवी काली , तुम जाओ अब विश्राम करो
चामुंडा होगा नाम तेरा, निज भगतो के संताप हरो
बोलो माँ के प्यारो जय माता दी जी






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