देव तुम्हारे कई उपासक कई ढंग से आते है सेवा में बहुमूल्य वस्तुए लाकर तुम्हे चढाते है धूमधाम और साज वाज से वो मंदिर में आते है मुक्त मणि बहुमूल्य वस्तुए लाकर तुम्हे चढाते है मै ही गरीब एक ऐसा आया जो कुछ साथ नहीं लाया पूजा की विधि नहीं जानता फिर भी नाथ चला आया धुप , दीप, नैवध्य नहीं है झांकी व् श्रंगार नहीं हाय गले में पहनाने को फूलो का भी हार नहीं नहीं दान है नहीं दक्षिण , खाली हाथ चला आया फिर भी साहस कर मंदिर में पूजा करने का आया पूजा और पुजापा प्रभुवर इसी पुजारी को समझाओ जो कुछ है बस यही पास है इसे चढाने आया हु मै उन्मत प्रेम का प्यासा ह्रदय दिखाने आया हु चरणों में अर्पित है, प्रभुवर चाहो तो स्वीकार करो दास तो 'बालाजी' का ही है ठुकरा दो या प्यार करो जय श्री बाला जी महाराज की जय जय श्री राम जी की जय माता दी जी
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