दुआ रंज व् गम से और बीमारी से राहत हो नसीब सब को अपने अपने अरमानो की जन्नत हो नसीब गौदिया खाली है जिन माओ की उन पर रहम हो सरे मेहरुमो को या रब मॉल व दौलत हो नसीब वक्त पर बरसात हो खेतो में हरियाली रहे सब को रोजी हो मयस्सर सब को इज्जत हो नसीब हर तरफ नेकी नजर आये सभी की जीत हो सब को मंजिल पर पौह्चने की सआदत हो नसीब खोट दिल का दूर हो सब को मिले सब्र व् सुकूं सब को आजादी मिले और सब को सरवत हो नसीब राजा - प्रजा दोनों इन्साफ के ताबे रहे इक सुरुरे जाद्वां की सबको नेएमत हो नसीब जय माता दी जी जय जय माँ संजय मेहता
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