क्यों माँ से कोई ना यह पूछे के माँ किस हाल मे रहती है - रहती है अपनी अपनी सब कहते ना जाने माँ क्या कहती है -- कहती है क्यों माँ से कोई ना यह पूछे दिन रात तड़पती है मैया कोई कष्ट कभी ना हो हम को -2 कोई माँ की तड़प को क्या जाने के माँ भी क्या क्या सहती है अपनी अपनी सब कहते ना जाने माँ क्या कहती है -- कहती है क्यों माँ से कोई ना यह पूछे माँ ने ही बनाया दुनिया को दुनिया यह भुलाये बैठी है -2 है लोग अभागे ना जाने है माँ तो यह साँसे चलती है -- चलती है अपनी अपनी सब कहते ना जाने माँ क्या कहती है -- कहती है क्यों माँ से कोई ना यह पूछे कुछ लोग यहाँ पर ऐसे है जो माँ को सताया करते है -२ यह बात कभी आंसू बन कर माँ की आँखों से बहती है अपनी अपनी सब कहते ना जाने माँ क्या कहती है -- कहती है क्यों माँ से कोई ना यह पूछे
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