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शुक्रवार, 29 अप्रैल 2011
शेरावाली माँ का शेर
जरा घुमने तो घाटे चलिए, वहा रहते बाला जी महाराज है
|| जरा घुमने तो घाटे चलिए ||
जरा घुमने तो घाटे चलिए, वहा रहते बाला जी महाराज है..
संकट वो तेरा काटेंगे, वो तो संकट के काटन हार है..
तुम वहा जाओ वो ना मिलेंगे, ऐसा कभी नहीं हो सकता...
जो वर मांगो तो नहीं पाओ, ऐसा कभी नहीं हो सकता,
वो तो दानी जगत विखियात है, रख लेंगे तेरी लाज है...
संकट वो तेरा काटेंगे, वो तो संकट के काटन हार है...
जरा घुमने तो घाटे चलिए
भैरव बाबा का जाल यहाँ पर, आज फसे कोई काल फसे..
प्रेतराज बाबा का जाल यहाँ पर, आज फसे कोई काल फसे,
भगत कहता पते की बात है, यहाँ संकट कटे दिन रात है..
जरा घुमने तो घाटे चलिए
पत्थर के मंदिर मे, पत्थर की मूर्त, पत्थर का दिल नहीं हो सकता
बेटा बुलाये बाबा ना आये, ऐसा कभी नहीं हो सकता..
जो वर मांगे वो नहीं पाओ, ऐसा कभी नहीं हो सकता..
वो तो दानी जगत विख्यात है, रख लेंगे तेरी लाज है..
संकट वो तेरा...
जय माता दी जी.
हर हर महादेव
बोलो मेरी माँ राज रानी की जय..
Sanjay Mehta
द्वार पे बेठा राह निहारु थक गए मेरे नैना..
द्वार पे बेठा राह निहारु थक गए मेरे नैना.. आओं श्याम मेरे अंगना,....श्याम
मेरे अंगना.. आओ ना ...
राह मै तेरी पलके बिछाई.. सेज फूलो की मैंने सजाई-2
अब ता आ जाओ मेरी कन्हिया , कही हो ना मेरी रुसवाई
तू जो आये तो खिल जाये मन की मेरी बगिया..
आओ श्याम मेरे अंगना...
मेरी आँखों का बस यही सपना... एक तू श्याम हो मेरा अपना..-2
आज का प्रेम अपना नहीं है.. कई जन्मो का बंधन है अपना...
जग से रिश्ता टूटे, तुझ से रिश्ता टूटे अब ना...
ऑ आओ श्याम मेरे अंगना...
आ जाओ....
आओं ना...
तुझे भगतो ने जब भी पुकारा... तुने सब को दिया है सहारा...
नाव मझधार मे मेरी डोले.. उसको तू ही दिखाए किनारा...
बन के खिवयिया आजा मोहन कोई मेरे संग ना...
आओ श्याम मेरे अंगना...
आ जाओ...
आओ ना...
सब की बिगड़ी बनाने वाले.. बात मेरी बनाए तो मानु..
मे तो भटका हुआ एक मुसाफिर, राह मुझको दिखाए तो जानू...
सुन ले संजय की इतनी बिनती .. चरण कमल मे रखना...
आओ श्याम मेरे अंगना..
आ जाओ..
द्वार मे बेठा राह निहारु.. थक गए मेरे नैया...
Sanjay Mehta
बुधवार, 27 अप्रैल 2011
जय माता दी जी
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|| महावीर तुम्हारे द्वारे पर
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मंगलवार, 26 अप्रैल 2011
लक्ष्मी माँ का ध्यान
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ध्यान
ध्यान
भगवान् विष्णु के सो जाने पर मधु और केटभ को मारने के लिए कमल-जन्मा ब्रह्माजी ने जिनका स्तवन किया था, उन महाकाली देवी का मै स्तवन करता हु.. वो अपने दस हाथो मै खड्ग , चक्र, गदा, बाण, धनुष, परिघ, शूल, भुशुण्ड, मस्तक और शंख धारण करती है.. उनके तीन नेत्र है... वे समस्त अंगो मै दिव्या आभुषनो से विभूषित है.. उनके शरीर की कान्ति नीलमणि के समान है.. तथा वे दस मुख और दस पैरो से युक्त है...
बोलो दुर्गा माँ की जय
बोलो काली मैया की जय..
बोलो मेरी माँ राज रानी की जय
हर हर महादेव.
चरणों मै आऊ, थारे शीश नवाऊ, और ध्यान लागू थारो
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रविवार, 24 अप्रैल 2011
श्री सत्य साईं बाबा के देहांत
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|| बाला हम दरबार तेरे आ गए ||
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क्षमा प्राथना
क्षमा प्राथना |
शनिवार, 23 अप्रैल 2011
|| माता चिन्तपुरनी की भेट : संजय मेहता ||
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|| माता चिन्तपुरनी की भेट : संजय मेहता ||
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वट वृक्ष :
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छिन्मस्तिका नाम क्यों और कैसे पड़ा ? : संजय मेहता
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|| मेरे बाबा मै तेरे सहारे से : संजय मेहता ||
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|| बाबा ऍसी दया करो दो : संजय मेहता ||
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जग मै सुंदर है दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम
जग मै सुंदर है दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम श्याम
एक हृदय मै प्रेम बडावे , एक ताप संताप मिटावे
दोनों सुख के सागर है, और दोनों पूरण काम
जग मै सुंदर है दों नाम
एक माखन ब्रज मै चुरावे, एक बेर भीलनी के खावे..
प्रेम भव के भरे अनोखे, दोनों के है काम
जग मै सुंदर है दो नाम...
एक पापी कंस सहारे, एक दुष्ट रावन को मरे..
दोनों दीन के दुःख हरे, है दोनों बम के धाम
जग मै सुंदर है दो नाम...
एक राधिका के संग राजे, एक जानकी संग विराजे
चाहे सीताराम कहो, चाहे बोलो राधेशयाम
जग मै सुंदर है दो नाम....
दोनों है घट घट के वासी, दोनों है आनंद प्रकासी
राम श्याम के दिव्या भजन से, मिलता विश्राम..
जग मै सुंदर है दो नाम....
जय माता दी जी
संजय मेहता
Sanjay Mehta
शुक्रवार, 22 अप्रैल 2011
गुफा मे तीसरी पिंडी महासरस्वती की
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माता महाकाली की पिंडी
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माता की तीन पिंडियो का स्वरूप
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करले प्रभु से प्यार फिर पछतायेगा...
करले प्रभु से प्यार फिर पछतायेगा... झूठा है संसार धोखा खायेगा माया के जितने धंदे है, झूठे है उसके बन्दे तन उज्ज्ले मन है गंदे, आँखों के बिलकुल अंधे.. नजर क्या आएगा, झूठा है संसार, धोखा खायेगा... कर ले प्रभु से प्यार... मतलब की रिश्तेदारी, सूत, माता, पिता और नारी क्यों गई मती तेरी मार, जब चलेगी तेरी सवारी, साथ क्या जायेगा, जूठा है संसार धोखा खायेगा... कर ले प्रभु से प्यार.... मन प्रभु - चरणों मै लगा ले, तू जीवन सफल बना ले.. ले मान गुरु का कहना, दिन चार यहाँ पर रहना कोन सम्जयेगा, झूठा है संसार धोखा खायेगा.. करले प्रभु से प्यार फिर पछतायेगा... झूठा है संसार धोखा खायेगा... जय माता दी जी संजय मेहता Sanjay Mehta |
गुरुवार, 21 अप्रैल 2011
सियाराम तुम्हारे चरणों मै, यदि प्यार किसी का हो जाये
सियाराम तुम्हारे चरणों मै, यदि प्यार किसी का हो जाये... दो चारो की तो बात है क्या.. संसार उसी का हो जाये.. सियाराम.... पर्ह्लाद तो छोटा बालक था.. पर प्यार किया परमेश्वर से... जिसमे भय , लोभ का मोद नहीं, भगवान उसी का हो जाये.. सियाराम.... शबरी ने कहा पर वेद पड़े , गणिका कब यग्ग कराती थी जिसमे छल द्वेष का लेश नहीं, भगवान उसी का हो जाये.. सियाराम.... रावन ने प्रभु से बैर किया, अब तक भी जलाया जाता है बन भगत विबिषण, घबराया भगवान उसी का हो जाये... सियाराम... दौलत के दीवानों शिक्षा लो, उस प्रेम दीवानी मीरा से जो प्यार करे श्री रघुवर से, बेडा पार उसी का हो जाये... सियाराम.... जय माता दी जी संजय मेहता.... |
बुधवार, 20 अप्रैल 2011
जन्म जन्म का साथ है हमारा तुम्हारा, तुम्हारा हमारा करेंगे सेवा हर जीवन में, पकड़ो हाथ हमारा जब भी जनम मिलेगा, सेवा करेंगे तेरी करते है तुमसे वादा, शरण रहेंगे तेरी हर जीवन मै बनके साथी देना साथ हमारा... जन्म जन्म .... दुनिया बनाने वाले, ये सब तेरी माया सूरज, चाँद, सितारे, सबको तुने बनाया फंस ना जाऊ मोह माया मै हो आशीर्वाद तुम्हारा जन्म जन्म... जब से होश स्म्बाला तब से हो हमने जाना तेरी भगति ना मिले तो जीवन व्यर्थ गवाना इसलिए इंसान जगत मै फिरता मारा मारा जन्म जन्म ... Sanjay Mehta
सोमवार, 18 अप्रैल 2011
आओ आओ गजानंद आवो
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