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करले प्रभु से प्यार फिर पछतायेगा... झूठा है संसार धोखा खायेगा माया के जितने धंदे है, झूठे है उसके बन्दे तन उज्ज्ले मन है गंदे, आँखों के बिलकुल अंधे.. नजर क्या आएगा, झूठा है संसार, धोखा खायेगा... कर ले प्रभु से प्यार... मतलब की रिश्तेदारी, सूत, माता, पिता और नारी क्यों गई मती तेरी मार, जब चलेगी तेरी सवारी, साथ क्या जायेगा, जूठा है संसार धोखा खायेगा... कर ले प्रभु से प्यार.... मन प्रभु - चरणों मै लगा ले, तू जीवन सफल बना ले.. ले मान गुरु का कहना, दिन चार यहाँ पर रहना कोन सम्जयेगा, झूठा है संसार धोखा खायेगा.. करले प्रभु से प्यार फिर पछतायेगा... झूठा है संसार धोखा खायेगा... जय माता दी जी संजय मेहता Sanjay Mehta |
शुक्रवार, 22 अप्रैल 2011
करले प्रभु से प्यार फिर पछतायेगा...
गुरुवार, 21 अप्रैल 2011
सियाराम तुम्हारे चरणों मै, यदि प्यार किसी का हो जाये
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सियाराम तुम्हारे चरणों मै, यदि प्यार किसी का हो जाये... दो चारो की तो बात है क्या.. संसार उसी का हो जाये.. सियाराम.... पर्ह्लाद तो छोटा बालक था.. पर प्यार किया परमेश्वर से... जिसमे भय , लोभ का मोद नहीं, भगवान उसी का हो जाये.. सियाराम.... शबरी ने कहा पर वेद पड़े , गणिका कब यग्ग कराती थी जिसमे छल द्वेष का लेश नहीं, भगवान उसी का हो जाये.. सियाराम.... रावन ने प्रभु से बैर किया, अब तक भी जलाया जाता है बन भगत विबिषण, घबराया भगवान उसी का हो जाये... सियाराम... दौलत के दीवानों शिक्षा लो, उस प्रेम दीवानी मीरा से जो प्यार करे श्री रघुवर से, बेडा पार उसी का हो जाये... सियाराम.... जय माता दी जी संजय मेहता.... |
बुधवार, 20 अप्रैल 2011
जन्म जन्म का साथ है हमारा तुम्हारा, तुम्हारा हमारा करेंगे सेवा हर जीवन में, पकड़ो हाथ हमारा जब भी जनम मिलेगा, सेवा करेंगे तेरी करते है तुमसे वादा, शरण रहेंगे तेरी हर जीवन मै बनके साथी देना साथ हमारा... जन्म जन्म .... दुनिया बनाने वाले, ये सब तेरी माया सूरज, चाँद, सितारे, सबको तुने बनाया फंस ना जाऊ मोह माया मै हो आशीर्वाद तुम्हारा जन्म जन्म... जब से होश स्म्बाला तब से हो हमने जाना तेरी भगति ना मिले तो जीवन व्यर्थ गवाना इसलिए इंसान जगत मै फिरता मारा मारा जन्म जन्म ... Sanjay Mehta
सोमवार, 18 अप्रैल 2011
आओ आओ गजानंद आवो
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एक अर्ज मेरी सुनलो, दिलदार हे कन्हैया ।।
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एक अर्ज मेरी सुनलो, दिलदार हे कन्हैया ।।
कर दो अधम की नैया, भव पार हे कन्हैया ।।...
अच्छा हूँ या बुरा हूँ , पर दास हूँ तुम्हारा ।
जीवन का मेरे तुम पर, है भार हे कन्हैया ।।
एक अर्ज मेरी सुनलो, दिलदार हे कन्हैया ...
तुम हो अधम जनों का, उद्धार करने वाले ।
मैं हूँ अधम जनों का, सरदार हे कन्हैया ।।
एक अर्ज मेरी सुनलो, दिलदार हे कन्हैया ...
करूणानिधान करूणा, करनी पडेगी तुमको ।
वरना ये नाम होगा, बेकार हे कन्हैया ।।
एक अर्ज मेरी सुनलो, दिलदार हे कन्हैया ...
ख्वायश ये है कि मुझसे, दृग बिंदु अश्रु लेकर ।
बदले में दे दो अपना, कुछ प्यार हे कन्हैया ।।
एक अर्ज मेरी सुनलो, दिलदार हे कन्हैया...
कर दो अधम की नैया, भव पार हे कन्हैया ।।
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शनिवार, 16 अप्रैल 2011
भला किसी का कर ना सको, तो बुरा किसी का मत करना
पुष्प नहीं बन सकते तो, तू कांटे बनकर मत रहना
भला किसी का....
बन ना सको भगवान् अगर, तुम कम से कम इन्सान बनो
नहीं कभी शेतान बनो तुम, नहीं कभी हेवान बनो
सदाचार अपना ना सको तो, पापो मै पग मत धरना
पुष्प नहीं....
सत्य वचन ना बोल सको तो, झूठ कभी भी मत बोलो
मौन रहो तो ही अच्छा, कम से कम विष तो मत घोलो
बोलो यदि पहले तुम तोलो, फिर मुह को खोला करना
पुष्प नहीं...
घर ना किसी का बसा सको तो झोपडिया ना जला देना
मरहम पट्टी कर ना सको तो, खारा नमक ना लगा देना
दीपक बनकर जल ना सको तो, अँधियारा भी मत करना
पुष्प नहीं...
अमृत पिला ना सको किसी को , जहर पिलाते भी डरना
धीरज बंधा नहीं सकते तो, घाव किसी को मत करना
राम नाम की माला लेकर, सुबह शाम भजन करना...
पुष्प नहीं.....
Sanjay Mehta
ओड़ के चुनरिया लाल, मैया जी मेरे घर आना...
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ओड़ के चुनरिया लाल, मैया जी मेरे घर आना... घर आना.... आप भी आना संग गणपति जी को लाना...-२ रिधि सीधी होंगी दयाल मैया जी मेरे घर आना.... आप भी आना, बजरंगी जी को लाना -२ कष्टों का टूटेगा जाल... मैया जी..... आप भी आना, संग गोरा जी को लाना-२ देखेंगे भोले का कमाल .. मैया जी... आप भी आना संग लक्ष्मी जी को लाना..-२ हो जायेंगे सब माला माल ... मैया जी.... आप भी आना संग कंजको को लाना..-२ सब हो जायेंगे निहाल... मैया जी... Sanjay Mehta |
शुक्रवार, 15 अप्रैल 2011
विनम्र प्रार्थना
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फोटो को जरा ध्यान से देखे देवी माँ के पुरे दर्शन होंगे... आठ बुजा दारी देवी माँ के दर्शन होंगे... विनम्र प्रार्थना मुझ पर दया करो जग जननी, सब अपराध क्षमा कर दो शरदा माता बुधि दो, माँ लक्ष्मी भंडारे भर दो आह्वान विसर्जन पूजा, कुछ भी करना जानू ना कर्म काण्ड भगति के मन्त्र क्या है यह पहचानू ना मै अपराधो सहित भवानी शरण तुम्हारी आया हु अज्ञानी बालक को बक्शो दाती तेरा जाया हु प्रगट गुप्त जो ऑगन हो गए उन पर ध्यान ना धरना माँ पाठ 'चमन' मै करू तुम्हारा.. आशा पूर्ण करना माँ Sanjay Mehta |
गुरुवार, 14 अप्रैल 2011
मेरी मैया रखी मेनू चरना दे कोल
बुधवार, 13 अप्रैल 2011
जगत जगदीश्वरी माँ जगदम्बे आशा पूर्ण करती रहो
जगत जगदीश्वरी माँ जगदम्बे आशा पूर्ण करती रहो अन्नपूर्ण दाती हो तुम सदा भंडारे भारती रहो द्वारे तेरे आया सवाली कभी निराश जावे ना भगति शक्ति दे माँ अम्बे तेरे ही गुण गावे माँ तू है दाती दिला दी जाने, चिन्तपुरनी कहलाती हो चिंता दूर करो माँ मेरी, सब को सुख पौचाती हो तेरी माया का भरमाया, मै हु दास निम्न माँ शरण तेरी मैया मै आया, आशा पुरनी करना माँ ज्वाला हो तुम माँ जगदम्बे , उज्जवल मेरा भविष्य करो बदल दो दाती किस्मत मेरी, उलटे लेख भी सीधे करो तुम बिन कोई नहीं माँ मेरा, शरण तुम्हारी आया हु काम कोई भी सिद्ध ना होवे, कई यत्न कर हरा हु बरकत भरदो हाथ मै मेरे, किरपा इतनी करना माँ अन्नपूर्ण माँ जगदम्बे , भंडारे सदा ही भरना माँ मेरे परिवार की रक्षा करना, कर्ज ना कोई सर पर रहे एसी किरपा करो तुम दाती, वेय्पार मेरा भी बड़ता रहे.. दया तेरी जिस पर हो मैया कभी निराश जाए ना बिगड़े काम भी बन जाते है, शरण तेरी जो आये माँ रक्षक बन रक्षा करती, दास के संकट दूर करो शरण तेरी 'चमन' माँ आया, अन्नपूर्ण भंडारे भरो Sanjay Mehta
सोमवार, 11 अप्रैल 2011
जय महागौरी जगत की माया
जय महागौरी जगत की माया जय उमा भवानी जय महामाया हरिद्वार कनखल के पासा महागौरी तेरा वहा निवास चंदेर्काली और ममता अम्बे जय शक्ति जय जय माँ जगदम्बे भीमा देवी विमला माता कोशकी देवी जग विखियाता हिमाचल के घर गोरी रूप तेरा महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा सती 'सत' हवं कुंड मै था जलाया उसी धुएं ने रूप काली बनाया बना धर्म सिंह जो सवारी मै आया तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया तभी माँ ने महागौरी नाम पाया शरण आने वाले का संकट मिटाया शनिवार को तेरी पूजा जो करता माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता 'चमन' बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो संजय मेहता Sanjay मेहता
रविवार, 10 अप्रैल 2011
कालरात्रि जय जय महाकाली
शनिवार, 9 अप्रैल 2011
जय जय अम्बे जय कात्यानी
जय जय अम्बे जय कात्यानी
जय जगमाता जग की महारानी
बैजनाथ स्थान तुम्हारा
वहा वरदाती नाम पुकारा
कई नाम है कई धाम है
यह स्थान भी तो सुखधाम है
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी
हर जगह उत्सव होते रहते
हर मंदिर में भगत है कहते
कत्यानी रक्षक काया की
ग्रंथि काटे मोह माया की
झूठे मोह से छुडाने वाली
अपना नाम जपाने वाली
ब्रेह्स्पतिवार को पूजा करिए
ध्यान कात्यानी का धरिये
हर संकट को दूर करेगी
भंडारे भरपूर करेगी
जो भी माँ को 'चमन' पुकारे
कात्यानी सब कष्ट निवारे संजय मेहता
Sanjay Mehta
शुक्रवार, 8 अप्रैल 2011
जय तेरी हो अस्कंध माता
जय तेरी हो अस्कंध माता
पांचवा नाम तुम्हारा आता
सब के मन की जानन हारी
जग जननी सब की महतारी
तेरी ज्योत जलाता रहू मै
हरदम तुम्हे ध्याता रहू मै
कई नामो से तुझे पुकारा
मुझे एक है तेरा सहारा
कही पहाड़ो पर है डेरा
कई शेहरो मै तेरा बसेरा
हर मंदिर मै तेरे नजारे
गुण गाये तेरे भगत प्यारे
भगति अपनी मुझे दिला दो
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो
इन्दर आदी देवता मिल सारे
करे पुकार तुम्हारे द्वारे
दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आये
तुम ही खंडा हाथ उठाये
दासो को सदा बचाने आई
'चमन' की आस पुजाने आई
संजय मेहता Sanjay Mehta
गुरुवार, 7 अप्रैल 2011
कुष्मांडा जय जग सुखदानी
बुधवार, 6 अप्रैल 2011
मंगलवार, 5 अप्रैल 2011
जय अम्बे ब्रेह्म्चारनी माता
जय अम्बे ब्रेह्म्चारनी माता
जय चतुर्णन प्रिय सुख दाता
ब्रह्मा जी के मन भाती हो
ज्ञान सभी को सिखलाती हो
ब्रह्म मन्त्र हो जाप तुम्हारा
जिस को जपे सकल संसारा
जय गायत्री वेद की माता
जो जन निस दिन तुम्हे ध्याता
कमी कोई रहने ना पाए
कोई भी दुःख सहने ना पाए
उसकी विरती रहे ठिकाने
जो तेरी महिमा को जाने
रुद्राक्ष की माला लेकर
जपे जो मन्त्र श्रधा देकर
आलस छोड़ करे गुनगाना
माँ तुम उसको सुख पौह्चना
ब्रेह्म्चारिणी तेरो नाम
पूर्ण करो सब मेरे काम
'चमन' तेरे चरणों का पुजारी
रखना लाज मेरी महतारी संजय मेहता
सोमवार, 4 अप्रैल 2011
( पहली शेल पुत्री कहलावे )
शनिवार, 2 अप्रैल 2011
राधे राधे मेरा हर एक आँसू राधे तुझे ही पुकारे है ~
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राधे राधे मेरा हर एक आँसू राधे तुझे ही पुकारे है ~
मेरी पहुँच तुझ तक सिर्फ आँसुओं के सहारे है ~
जब आप की याद राधे सही न जाए ~
आप को सामने न पा कर दिल मेरा घबराए है ~
तब ज़ुबा, हाथ , पांव सब बेबस होते है ~
इन्ही का काम राधे आँसू कर देते है ~
ये आप तक तो नहीं पहुँते पर फिर भी ~
इस तङप को कुछ शांत कर देते है ~
जब तक ये बहते है राधे आँखे बंद रहती है ~
बंद आँखे ही राधे मुझे आप से मिलाती है ~
बह बह कर राधे जब ये थक जाते है ~
कुछ समय सांस लेने खुद ही रूक जाते है ,
पर आप की याद कभी नहीं थकती है, बिना रूके सदा मेरी सांसों के साथ ही चलती है ~
मुझे मंज़ूर है ये सौदा आप यूँ ही याद आते रहिए ~
आँसूओं के सहारे ही सही मेरे नैनों में समाते रहिए~~ राधे राधे
Sanjay Mehta
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शुक्रवार, 1 अप्रैल 2011
सज रही मेरी अम्बे मैया सुनहरी गोटे मे -२
